जौलीग्रांट, 21 जुलाई। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा कि बरसात में हर चुनौती से निपटने को तैयार रहें रेस्क्यू टीम। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में व्यवस्थापित SDRF पोस्टों पर उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आपदा उपकरणों के साथ 24 घंटे एक्टिव मोड पर रहने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में मासिक सम्मेलन के दौरान एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तराखंड राज्य में व्यवस्थापित SDRF पोस्टों पर उपस्थित समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों से आवासीय, भोजन व्यवस्था, सामूहिक और व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानकारी ली। समस्याओं के त्वरित निदान के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया।
कमांडेड ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे राज्य में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है और बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी करते हुए अलर्ट रहने हेतु बताया जा रहा है। ऐसे में SDRF की समस्त टीमें, मुख्यतः फ्लड रेस्क्यू टीमें अपने समस्त रेस्क्यू उपकरणों के साथ एक्टिव मोड पर रहेंगी। रेस्पॉन्स टाइम को कम से कम करने के लिए निरंतर अभ्यास करते रहेंगे। साथ ही समय-समय पर उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच भी करते रहेंगे मौसम के अनुसार यह समय अत्यंत संवेदनशील है। लिहाजा सभी को यह प्रयास करना है कि अनावश्यक रूप से अवकाश पर ना जाए। केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश लिया जाए। यह समय परीक्षा का है ऐसे में प्रत्येक दिन आमजन की सेवा में समर्पित रहकर कर्तव्यों का निर्वहन करना है।
कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने श्रावण कांवड़ मेले के सकुशल समापन पर सभी SDRF कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि कांवड़ मेले में एसडीआरएफ के जवानों की भूमिका अहम रही। जवानों द्वारा कांवड़ मेले के दौरान अत्यंत संवेदनशील स्थानों पर नियुक्त रहते हुए कई कांवड़ियों को रेस्क्यू कर उनके अनमोल जीवन का रक्षण किया गया। कांवड़ मेले से इन्हें भीड़ नियंत्रण का सर्वोत्तम व्यवहारिक ज्ञान मिल गया है। निश्चय ही यह प्रथम फील्ड अनुभव इनके अग्रिम सेवाकाल पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। वर्तमान समय में चारधाम व श्री हेमकुण्ड साहिब यात्रा में ड्यूटी के कुशल निर्वहन के लिए समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रशंसा की।